Veena bhua

उषा-राजूजी के हुए पचास वर्ष

हम सब को हुआ बहुत हर्ष

हम उम्र , साथ खेले

बड़े हुए होले-होले

देखते-देखते बीते साल

सभी परिवार में रहे खुशहाल

प्रभु से यही है बिनती

सुखों की ना हो गिनती

वीणा-पुरषोत्तम

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